Black Gold | Indian Scientists Develop BLACK GOLD

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BLACK GOLD:-

भारत के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फ़ण्डामेंटल रिसर्च के वैज्ञानिकों ने हाल ही में ब्लैक गोल्ड(Black Gold) नामक पदार्थ का निर्माण किया है जो CO2 अवशोषित करने में सक्षम है साथ ही भारत में पानी की गंभीर समस्या के निवारण में Black Gold का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।

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कैसे किया Black Gold का निर्माण:-

वैज्ञानिको ने ब्लैक गोल्ड बनाने के लिए सोने के नैनोपार्टिकल्स के बीच स्थित गैप को पुनर्व्यवस्थित किया जिससे सोने के गुण पूरी तरह से बदल गए। सामान्यतः परम्परागत सोना सूर्य के प्रकाश को अवशोषित नहीं करता है लेकिन ब्लैक गोल्ड कार्बन डाइऑक्साइड व सूर्य के प्रकाश को अवशोषित कर सकता है। रिसर्च टीम को लीड करने वाले वैज्ञानिक विवेक पोलशेट्टीवर ने कहा, “हमने सोने के नैनोपार्टिकल को किसी दूसरे पार्टिकल के साथ डोपित नहीं किया है। न तो किसी दूसरे तरह का मेटेरियल उसमें एड किया है। हमने गोल्ड नेनोपार्टिकल के इंटर पार्टिकल डिस्टेंस दूरी में तरह-तरह के विस्तार को आजमाया। इसके बाद उनके न्यूक्लिएशन-ग्रोथ स्टेप को ऑप्टिमाइज किया। इसके लिए हमने डेंड्रिटिक फाइब्रस नैनोसिलिका का प्रयोग किया गया, इसपर सोने के नैनोपार्टिकल्स को इम्पोज कराया गया जिससे सोना इसपर डिपाजिट होने लगा।”

‌Black Gold के अनेक लाभ:-

● ब्लैक गोल्ड आने वाले समय में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
चूँकि ये कार्बन डाइऑक्साइड व सूर्य के प्रकाश को अवशोषित कर सकता है|
तो इसका प्रयोग कृत्रिम वृक्ष के रूप में किया जा सकता है।
साथ ही ब्लैक गोल्ड कार्बन डाइऑक्साइड को मेथेन में बदल देता है|
इसलिए इसका प्रयोग ईंधन प्राप्त करने में भी किया जा सकता है।
मेथेन ईंधन के रूप में कई क्षेत्रों में काम कर सकता है।

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●भारत ने पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किया हुआ है जिसके तहत भारत को 2030 तक 40% बिजली का उत्पादन अकार्बनिक ऊर्जा के स्रोतों से करना होगा। साथ ही 2.5 करोड़ टन कार्बन वातावरण से हटाना होगा। इसके लिए 33% वृक्ष व जंगलों को बढ़ाना होगा जो कि इन 11 सालों में संभव नहीं है इसलिए इसमें ब्लैक गोल्ड एक महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। रिसर्चर्स का मानना है कि black gold सोलर एनर्जी उत्पादन सुगमता से कर सकता है क्योंकि ये सूर्य से आने वाली लगभग सभी तरंगों को अवशोषित कर सकता है। अतः इसका प्रयोग करके सोलर पैनल बनाये जा सकते हैं जो बड़ी मात्रा में सौर ऊर्जा को संग्रहित कर सकता है।

● भारत में पानी की समस्या बढ़ती जा रही है|
और 2030 तक भारत के पेयजल की माँग 40% तक बढ़ जाएगी।
यानी हर 4 में से एक व्यक्ति प्यासा रह सकता है,
ऐसे में black gold का प्रयोग करके nano-heaters बनाये जा सकते हैं,

जो समुद्र के पानी को वायुममण्डलीय अभिक्रियाओं के स्थितियों में संघनित करके उसे पीने के पानी मे बदल सकता है। इस प्रकार black gold एक बहुत महत्वपूर्ण खोज है जो वर्तमान और भविष्य की समस्याओं को नियंत्रित करने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। black gold का निर्माण भारतीय वैज्ञानिकों की बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्हें हार्दिक बधाई।

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